कोरोना के दबाव में शेयर बाजार

सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था में गति लाने के उद्देश्य से 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू करने की घोषणा के बावजूद बीते सप्ताह भी शेयर बाजार पर कोरोना वायरस का प्रकोप बना रहा है और अगले सप्ताह भी बाजार में तेजी आने की संभावना बहुत कम दिख रही है।

मुंबईः सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था में गति लाने के उद्देश्य से 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू करने की घोषणा के बावजूद बीते सप्ताह भी शेयर बाजार पर कोरोना वायरस का प्रकोप बना रहा है और अगले सप्ताह भी बाजार में तेजी आने की संभावना बहुत कम दिख रही है।

समीक्षाधीन अवधि में बीएसई का सेंसेक्स 1.72 प्रतिशत अर्थात 544.97 अंक टूटकर 31097.73 अंक पर टिका। इस दौरान एनएसई का निफ्टी 114.65 अंक अर्थात 1.24 प्रतिशत गिरकर 9136.85 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों में जहां गिरावट देखी गई वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में लिवाली हुई। बीएसई का मिडकैप 0.67 प्रतिशत बढ़कर 11500.32 अंक पर और स्मॉलकैप 0.47 प्रतिशत बढ़कर 10688.86 अंक पर रहा।

विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस का प्रभाव का अब भारतीय बाजार पर कम हो रहा है बल्कि घरेलू स्तर पर कोरोना वायरस के मामलों में हो रही बढोतरी से शेयर बाजार पर अधिक दबाव बना है। यहीं कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 20लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज के साथ ही कई नियमों को उदार बनाए जाने के बावजूद भी निवेशधारणा को बल नहीं मिल पर रहा है।

विश्लेषकों ने कहा कि अगले सप्ताह भी शेयर बाजार पर कोरोना वायरस का असर बना रह सकता है क्योंकि अब जहां जहां प्रवासी मजदूर पहुंच रहें वहां संक्रमण के अधिक मामले सामने आने लगे हैं। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले चीन से अधिक हो गए हैं। हालांकि कुछ कंपनियों के तिमाही परिणाम आने से बाजार को कुछ गति मिलने की उम्मीद है।

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