गैस एजेंसी लेने की पूरी प्रक्रिया क्या है और इसमें आपको कितने रुपए खर्च करने होंगे ?

गैस एजेंसी लेने की पूरी प्रक्रिया क्या है और इसमें आपको कितने रुपए खर्च करने होंगे ? – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी ? मैं एक बार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूं हमारे इस बिल्कुल नए आर्टिकल पर।  दोस्तों आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी देने जा रहे हैं । 

आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि आप किस प्रकार अपनी खुद की एक गैस एजेंसी खोल सकते हैं और इस गैस एजेंसी को खोलने में आपको क्या-क्या प्रोसेस अपनाने पड़ेंगे और इसमें कितना खर्च आएगा ? तो दोस्तों अगर आप भी अपनी खुद की गैस एजेंसी खोलना चाहते हैं तो उसके लिए आपको नीचे बताए प्रोसेस को फॉलो करना होगा ।

 जमाना दिन प्रतिदिन आधुनिक होता चला जा रहा है अब लोग पहले की तरह चूल्हे पर खाना नहीं बनाते हैं ।सभी लोग खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं । अभी हाल ही मैं 30 सितंबर 2017 को एक सर्वे हुआ जिसमें यह पाया गया कि देश में गैस सिलेंडर उपयोग करने वालों की संख्या 26 करोड़ है और 26 करोड उपभोक्ताओं को सिलेंडर मुहैया कराने के लिए देश में मात्र 19649 गैस एजेंसी हैं । 

दोस्तों देश में गैस एजेंसी पर्याप्त मात्रा में ना हो पाने की वजह से लोगों को सिलेंडर देने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है।  हर एक एजेंसी में बहुत ज्यादा भीड़ लगती है इसीलिए सरकार ने फैसला लिया है कि वह गैस एजेंसियों की संख्या में और इजाफा करेंगे और हर क्षेत्र में कुछ और गैस एजेंसी खुलवएंगे जिससे लोगों को आसुविधा ना हो अगर आप भी चाहे तो अपनी एक गैस एजेंसी खोल सकते हैं । 

भारत में कुछ प्रमुख गैस एजेंसी हैं जिनमें से भारत पेट्रोलियम ,हिंदुस्तान पेट्रोलियम, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया ,क्लीन इंडिया लिमिटेड ,इंडियन ऑयल इत्यादि है जो गैस एजेंसी का पूरा कार्यभार संभालते हैं आपको इन्हीं में से किसी एक कंपनी की फ्रेंचाइजी लेनी होगी अपना खुद का गैस एजेंसी खोलने के लिए।

दोस्तों जितने भी गैस कंपनियां है वह अपनी गैस एजेंसी देने के लिए हर एक क्षेत्र को लगभग 4 भागों में बांटती है जिनके अनुसार एजेंसी खुलवाई जाती है इनमें से कुछ शहरी क्षेत्र होते हैं, कुछ ग्रामीण कुछ , रर्बन और कुछ अति दुर्गम क्षेत्र । आइए आपको एक-एक करके इन सभी क्षेत्रों में गैस एजेंसी लेने का तरीका विस्तार से बताएं।

शहरी वितरक

दोस्तों शहरी वितरक के अंतर्गत वह क्षेत्र आते हैं जो पूरी तरह से विकसित हैं जैसे दिल्ली ,ग्रेटर नोएडा, मुंबई ,कोलकाता, बेंगलुरु, अहमदाबाद इत्यादि।

ग्रामीण वितरक

अगर आप ग्रामीण वितरक के अंतर्गत अपनी गैस एजेंसी लेते हैं तो आप अपनी एजेंसी के मात्र 15 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों को गैस दे सकते हैं।

रर्मन वितरक

अगर आप रार्मन वितरक के सिस्टम के अंतर्गत अपनी एजेंसी लेते हैं तो आपको ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गैस एजेंसी वितरण का काम संभालना होगा।

दुर्गम क्षेत्रीय वितरक

अगर आप दुर्गम क्षेत्रीय वितरक के अंतर्गत अपनी गैस एजेंसी लेते हैं तो आपको ऐसे स्थान जहां पहुंचना बहुत कठिन है और जो बहुत ज्यादा दूर स्थित है जैसे आदिवासी क्षेत्र, पहाड़ी क्षेत्र ,द्वीपसमूह में अपनी गैस सेवा पहुंचाने होगी।

गैस एजेंसी लेने के लिए योग्यताएं।

अगर आप भेजो सेल्फी लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपके अंदर ले में योग्यताएं होनी चाहिए

जो भी व्यक्ति गैस एजेंसी लेने के लिए आवेदन कर रहा है उसकी छवि साफ-सुथरी होनी चाहिए जिस पर किसी भी थाने में कोई मुकदमा नहीं होना चाहिए।

जो भी व्यक्ति आवेदन कर रहा है उसकी उम्र 21 वर्ष से 60 वर्ष के बीच में ही रहनी चाहिए।

गैस एजेंसी लेने वाला व्यक्ति भारत का एक नागरिक होना चाहिए और कम से कम कक्षा 10 पास होना चाहिए।

गैस एजेंसी लेने वाला व्यक्ति सभी संक्रमण बीमारियों से मुक्त होना चाहिए और शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट होना चाहिए उसे आंखों की या विकलांगता की कोई समस्या नहीं होना चाहिए।

गैस एजेंसी कैसे प्राप्त करे ? 

दोस्तों जितने भी गैस एजेंसीया हैं वह सभी वर्ष में एक बार बैठ कर समीक्षा करते हैं कि उन्हें अपनी गैस एजेंसी कहां खोलनी है, उसके बाद वह जगह का चयन करती हैं जगह का चयन करने के बाद वह उस जगह के लोकल समाचार पत्र में खबर निकालती है कि उन्हें इस जगह पर अपनी गैस एजेंसी खोलनी है और इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन मांगती हैं।

जो भी व्यक्ति इच्छुक है और गैस एजेंसी लेना चाहता है वह दिए गए पते पर ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से अपने एप्लीकेशन भेज सकता है उसके बाद में एक तारीख तय की जाती है जिस तारीख पर इंटरव्यू आयोजित किया जाता है । इस इंटरव्यू में जितने भी लोगों ने आवेदन किया है उनको बुलाया जाता है और उनसे सवाल-जवाब किए जाते हैं इनमें जो कैंडिडेट सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं उनको अच्छे अंक दिए जाते हैं और उनको गैस एजेंसी प्रदान की जाती है।

गोदाम खोलने के लिए भूमि

एजेंसी मिलने के बाद आपको एक गोदाम भी खोलना होगा क्योंकि गैस से एक बहुत ही संवेदनशील वस्तु है जरा सी भी लापरवाही होने पर बड़ा नुकसान हो सकता है इसीलिए कंपनियां जो गैस एजेंसी देती है वह इस बात का विशेष ध्यान देती है कि आपका गोदाम सुरक्षित है या नहीं है । 

आपका गोदाम शहर के एकदम सटके नहीं होना चाहिए बल्कि बस्ती से थोड़ा दूर होना चाहिए किंतु वहां तक पहुंचने के लिए एक अच्छी सड़क होना चाहिए जिससे लोगों को आने जाने में कोई समस्या ना हो।

गैस का गोदाम बनाने के लिए कम से कम 25×30 मीटर का एक सुरक्षित भूखंड होना चाहिए जो नगर महापालिका से पास होना चाहिए। 

गोदामों की भंडारण क्षमता कितनी है ?

दोस्तों अगर आपकी शहरी गैस वितरक के तहत अपनी एजेंसी लेते हैं तो आप अपने गोदाम में 8000 किलो एलपीजी भर सकते हैं,  अगर आप ग्रामीण वितरक के तहत अपनी एजेंसी लेते हैं तो आप 5000 किलो एलपीजी भर सकते हैं, और अगर आप बहुत ही ज्यादा दुर्गम क्षेत्रीय एजेंसी के तहत अपनी एजेंसी लेते हैं तो आप कम से कम 3000 किलो गैस अपने पास रख सकते हैं।

गैस एजेंसी लेने में कितना कमीशन मिलता है

दोस्तों अब सबसे मुख्य बात आती है कि अगर आपने गैस एजेंसी ले ली तो आपको कितना फायदा होगा । दोस्तों गैस एजेंसी में जितने भी ज्यादा सिलेंडर आपके गोदाम से बिकेंगे उसी आधार पर आपको कमीशन मिलती है ।

 एक 14.2 किलो के सिलेंडर पर आपको ₹44 कमीशन के रूप में तथा ₹26 स्थापना शुल्क के रूप में और डिलीवरी के लिए ₹18 दिए जाते हैं । इस तरह से हर एक सिलेंडर पर आपकी ₹88 की कमाई होती है,  अगर आपका सेंडर 5 किलो का है तब आपकी यह कमाई ₹44 की होती है ।

घर बैठे ऑनलाइन आधार कार्ड में करेक्शन कैसे करें पूरी जानकारी हिंदी में

 निष्कर्ष

दोस्तों यह आपके लिए एक छोटी सी जानकारी थी जिसमें आज हमने आपको गैस एजेंसी खोलने के बारे में जानकारी दी m  हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी । इसी तरह की अन्य जानकारी पाने के लिए आप हमारे साथ बने रहिए बहुत-बहुत धन्यवाद

News Reporter