शेयर मार्केट क्या है? शेयर मार्केट में कैसे निवेश करें

शेयर मार्केट क्या है

शेयर मार्केट क्या है ? शेयर मार्केट में कैसे निवेश करें – आज के समय में हर व्यक्ति पैसा कमाना चाहता है और अमीर बनना चाहता है। लेकिन पैसा कमाने के लिए सबसे अधिक जरूरी है कि आप अपने पैसे को कहां इन्वेस्ट कर रहे हैं। यदि आप अपने पैसे को सही जगह इन्वेस्ट कर रहे हैं तो आपको अधिक लाभ मिलेगा और यदि आपको यह नहीं पता है कि आपका पैसा कहां इन्वेस्ट हो रहा है तो फिर आपको नुकसान सहना पड़ सकता है। यदि आप अपने पैसे को इन्वेस्ट करने के लिए सोच रहे हैं तो आपने शेयर मार्केट का नाम तो सुना ही होगा।

स्टॉक मार्केट निवेश के लिए आपको कम से कम कितने पैसे की जरुरत होगी

इन्वेस्टमेंट की दुनिया में सबसे बड़ा तरीका शेयर मार्केट का स्टॉक मार्केट को ही माना जाता है। बड़े बड़े बिजनेसमैन अपना पैसा शेयर मार्केट में लगाते हैं और अच्छा लाभ कमाते हैं। लेकिन शेयर मार्केट में पैसा इन्वेस्ट करने के लिए आपके पास उसके बारे में पूरा ज्ञान होना बहुत जरूरी है जैसे शेयर कैसे खरीदें कौन सा शेयर खरीदें और शेयर कैसे बेचे। यदि आपको इन सभी चीजों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी प्राप्त है तो आप शेयर मार्केट में पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं।

शेयर मार्केट क्या है ?

शेयर मार्केट वह जगह है जहां पर शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। शेयर को स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से खरीदा और बेचा जाता है। भारत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं। शेयर का अर्थ होता है हिस्सेदारी।  जब आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं तो इसका मतलब है कि आपका उस कंपनी में उतने प्रतिशत की हिस्सेदारी हो जाती है।

 जैसे यदि किसी कंपनी ने ₹1000000 का शेयर साझा किया है और आपने उसमें ₹100000 का शेयर खरीद लिया है तो इसका मतलब यह है कि आप उस कंपनी में 10% के हिस्सेदार बन गए हैं। किसी कंपनी का शेयर खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप जब चाहे इसे बेच भी सकते हैं। इसके अलावा यदि कंपनी के शेयर का मूल्य बढ़ गया और तब आपने इसे बेचा तो आपको अच्छा फायदा मिल जाएगा।

कम्पनियां अपना शेयर कैसे साझा करती हैं?

जो भी कंपनी अपने शेयर को जनता को साझा करना चाहती हैं उन्हें अपने शेयर की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करवाकर IPO (Inital Public Offering) लाती है। इसके बाद वह अपने शेयर के मूल्य को खुद निर्धारित करती हैं और जनता को साझा करती हैं। आईपीओ पूरा हो जाने के बाद कंपनी के शेयर्स बाजार में निवेशकों के लिए उपलब्ध हो जाते हैं और स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से खरीदे और बेचे जाते हैं

शेयर का मूल्य कैसे बदलता है ?

आईपीओ लाते समय कंपनी भले ही शेयर का मूल्य निर्धारित करती है लेकिन आईपीओ पूरा हो जाने के बाद शेयर का मूल्य बाजार की मांग एवं पूर्ति पर आधारित हो जाती है। मांग एवं पूर्ति की गणना कंपनियां खुद करती हैं और उन्हीं द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर शेयर के मूल्य बदलते रहते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि शेयर खरीदने वालों की संख्या अधिक हो और बेचने वालों की संख्या कम हो तो शेयर का मूल्य बढ़ता है। इसके अलावा यदि शेयर खरीदने वालों की संख्या कम हो और बेचने वालों की संख्या अधिक हो तो शेयर का मूल्य गिर जाता है।

सेंसेक्स क्या होता है ? (What is Sensex?)

सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का ऐप सूचकांक होता है इसका निर्धारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड सिर्फ 30 कंपनियों के कुल मूल्य के आधार पर तय किया जाता है। यदि सेंसेक्स ऊपर जाता है तो इसका अर्थ यह है कि रजिस्टर्ड कंपनियां घाटे में हैं और यदि सेंसेक्स नीचे गिरता है तो इसका मतलब यह है कि अधिकतम कंपनियों को फायदा मिला है।

निफ्टी क्या है ? (What is Nifty?)

जिस तरह से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स होता है ठीक उसी तरह से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी होता है। इसका निर्धारण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड सिर्फ 50 कंपनियों के बाजार में प्रदर्शन के आधार पर तय किया था है। यदि निफ़्टी ऊपर जाता है तो इसका मतलब यह है की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर्ड कंपनियों को फायदा मिला है लेकिन यदि निफ्टी नीचे गिरती है तो इसका मतलब यह है कि रजिस्टर्ड कंपनियों को घाटा लगा है।

शेयर मार्केट में कैसे निवेश करें ? (How to invest in Share Market?)

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए सबसे पहले आपके पास ट्रेडिंग अकाउंट और डिमैट अकाउंट होना जरूरी होता है। किसी स्टॉक ब्रोकर की सहायता से आप इन दोनों प्रकार के अकाउंट को ओपन करवा सकते हैं।

डीमैट अकाउंट क्या है ? (What is Demat Account?)

डिमैट अकाउंट बैंक के खाते की तरह ही काम करता है। जैसे यदि आपके बैंक अकाउंट में पैसा है तो उसको अपने डिजिटल या पेपर पासबुक पर देखा जा सकता है इसी तरह डिमैट अकाउंट में आपके द्वारा खरीदे गए इस शेयर को डिजिटल फॉर्म में रखा जाता है। जैसे यदि आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं तो वह शेयर आपके डीमेट अकाउंट में लिस्टेड हो जाता है। यदि आपने शेयर बेच दिया तो उससे मिलने वाला पैसा आपके बैंक अकाउंट में जमा किया जाता है।

ट्रेडिंग अकॉउंट क्या है ? (What is Trading Account?)

ट्रेडिंग अकाउंट एक ऐसा इंटरफेस है जो शेयरों को खरीदने एवं बेचने की अनुमति प्रदान करता है। ट्रेडिंग अकाउंट निवेशकों के बैंक और डिमैट अकाउंट के बीच एक इंटरफेस के रूप में काम करता है। किसी शेयर को खरीदने एवं बेचने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट की आवश्यकता पड़ती है इसी अकाउंट के माध्यम से खरीदे गए शेयर को आपके डीमेट अकाउंट में जमा किया जाता है।

ट्रेडिंग और डीमैट अकॉउंट कैसे खोलें ? (How to open Demat Account and Trading Account?)

यदि आप ट्रेडिंग अकाउंट और डिमैट अकाउंट ओपन करवाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको स्टॉक ब्रोकर की आवश्यकता पड़ती है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के विकास से अब आपको कई स्टॉक ब्रोकर ऑनलाइन मिल जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप अपने शेयर को बिना स्टॉक ब्रोकर के सहायता के खरीद या बेच नहीं सकते हैं।

डीमेट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए आपको पैन कार्ड ऐड्रेस प्रूफ इनकम प्रूफ कैंसिल चेक और दो पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा आपका बैंक अकाउंट का केवाईसी करवाना भी जरूरी होता है। डिमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाते समय आप अपने सभी डॉक्यूमेंट की ओरिजिनल कॉपी जरूर अपने पास रखें।

निष्कर्ष

उम्मीद है कि हमारे द्वारा ऊपर बताई गई जानकारी आपके बहुत काम आएगी। यदि आप शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं तो सबसे पहले इस स्टाफ को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया के बारे में पूरी तरह से जानकारी प्राप्त कर लें। इसके अलावा आपको इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि किस स्थिति में शेयर को खरीदना और बेचना चाहिए। यदि आपने कम यूनिट में शेयर खरीदा है और अधिक यूनिट में बेचा है तो आपको फायदा मिलेगा। लेकिन यदि आपने अधिक यूनिट में शेयर खरीदा है लेकिन उसे कम यूनिट में बेच रहे हैं तो फिर आपको नुकसान सहना पड़ेगा।