सरकार की उम्‍मीद से भी कम होगी GDP ग्रोथ रेट, SBI ने बताया नया अनुमान

एसबीआई की एक रिपोर्ट में सरकार के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को खारिज कर दिया गया है. इसके साथ ही दावा किया गया है कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 4.6 फीसदी रह सकती है.

  • जीडीपी ग्रोथ रेट 4.6 फीसदी तक रह सकता है
  • सरकार को 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

बीते दिनों सरकार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष (2019-20) में जीडीपी ग्रोथ सिर्फ 5 फीसदी रहने की उम्मीद है. हालांकि स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया के अर्थशास्‍त्रियों ने इस अनुमान को आशावादी बताया है.

एसबीआई के अर्थशास्‍त्रियों का कहना है कि जीडीपी ग्रोथ रेट का आंकड़ा सरकार के अनुमान से कम यानी 4.6 फीसदी तक रह सकता है. वहीं चालू बाजार मूल्य पर अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट 7.5 फीसदी रह सकती है जो इसका 42 साल का निचला स्तर होगा. एसबीआई के नोट में कहा गया है कि हम चालू वित्त वर्ष के लिए अपने ग्रोथ रेट के अनुमान को घटाकर 4.6 फीसदी कर रहे हैं.

एसबीआई के अलावा जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमूरा ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में ग्रोथ रेट 4.7 फीसदी रहेगी और अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 5.7 फीसदी पर पहुंच जाएगी. घरेलू ब्रोकरेज कंपनी कोटक सिक्योरिटीज ने भी चालू वित्त वर्ष में ग्रोथ रेट 4.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. हालांकि, निजी क्षेत्र के यस बैंक ने कहा है कि हम चालू वित्त वर्ष में 4.9 फीसदी की ग्रोथ रेट के अपने अनुमान पर कायम हैं.

सरकार ने जताया 5 फीसदी का अनुमान

बीते दिनों केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) ने चालू वित्त-वर्ष में जीडीपी ग्रोथ को लेकर अनुमान जारी किया था. CSO का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी रह सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह 2008-09 के बाद सबसे कम होगी. कहने का मतलब ये है कि यह करीब 11 साल का निचला स्‍तर होगा. CSO से पहले आरबीआई ने भी सालाना जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था.

News Reporter

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