Share Market जानिए पैसा डुबाने वाली कंपनियों के नाम

शेयर बाजार यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में इस वक्त करीब 10,000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं। रोज इनमें ट्रेडिंग होती है। लेकिन इन कंपनियों में से हजारों कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने निवेशकों का पैसा डुबाया है। लेकिन कुछ ऐसी कंपनियां है, जिन्होंने निवेशकों को भिखारी जैसा बना दिया है। इनमें कुछ कंपनियां तो ऐसी हैं, जिनके प्रमोटर्स का काफी नाम है। इनमें अनिल अंबानी जैसे नाम और सरकारी कंपनियां भी शामिल हैं।

कहां गया निवेश का फॉर्म्यूला

शेयर बाजार में जब भी निवेश किया जाता है तो जानकार बताते हैं कि अच्छी कंपनी में लम्बे समय के लिए निवेश करें। लेकिन इन अच्छी कंपनियों का हाल यह है कि कईयों ने तो पिछले 10 साल में 1 लाख रुपये का घटा कर कुछ हजार रुपये बना दिया। यानी निवेशकों का लगभग पूरा पैसा ही डुबा दिया। पिछले 10 साल में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों ने करीब-करीब 100 फीसदी का रिटर्न दिया है। लेकिन इसके बाद भी इन कंपनियों ने निवेशकों को सिर्फ भिखारी ही बनाया है।

जानिए पैसा डुबाने वाली कंपनियों के नाम

-रिलायंस कम्युनिकेशंस (ऑरकॉम)

-रिलायंस कैपिटल

-रिलायंस इंफ्रा

-कॉक्स एंड किंग्स

-जेपी एसोसिएट्स

-एमएमटीसी

-सुजलॉन एनर्जी

-सीजी पावर

यह कुछ ऐसे शेयर हैं, जिन्होंने निवेशकों का पैसा पिछले 10 साल करीब 95 फीसदी डुबा दिया है। औसतन अगर इन कंपनियों में किसी ने 10 साल पहले 1 लाख रुपये का निवेश किया होगा, तो अब उसकी वैल्यू घटकर करीब 5000 रुपये रह गई होगी।

रिलायंस कम्युनिकेशंस के उदाहरण से समझें

रिलायंस कम्युनिकेशंस के उदाहरण से इस बात को आसानी से समझा जा सकता है। इस कंपनी ने पिछले 1 साल में 99 फीसदी निवेश किया गया पैसा डुबा दिया है। जिन्होंने 2010 में इस कंपनी में 1 लाख रुपये का निवेश किया होगा, उसकी वैल्यू इस समय घटकर 1000 रुपये रह गई है। 2010 में इसके रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर की कीमत 183 रुपये थी, जो अब करीब 85 पैसे बची है।

कॉक्स एंड किंग्स

कॉक्स एंड किंग्स भी वह कंपनी है, जिसने निवेशकों का पैसा डुबाया है। इस कंपनी में 10 साल पहले निवेश करने वालों का करीब 99 फीसदी पैसा डूबा चुका है। 2010 में कॉक्स एंड किंग्स का शेयर करीब 220 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो अब 1.5 रुपये के आसपास आ चुका है।

सुजलॉन एनर्जी

सुजलॉन एनर्जी भी कंपनी है, जिसने निवेशकों का पैसा डुबाया है। सुजलान में पिछले 10 साल में निवेश करने वालों का पैसा करीब 96 फीसदी डूब चुका है। 2010 में सुजलान का शेयर करीब 103 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो अब घटकर 3 रुपये के अंदर आ चुका है।

-इसी तरह जेपी एसोसिएट्स, एमएमटीसी और रिलायंस कैपिटल भी निवेशकों का करीब 98 फीसदी निवेश डूबा दिया है।

ये हैं पैसा डूबने के कारण

इन शेयरों में निवेश करने वालों का पैसा आखिर क्यों डूबा, यह बड़ा सवाल नहीं है। इन कंपनियों में जब दिक्कतें शुरू हुई, तभी निवेशकों को सतर्क हो जाना चाहिए था। इन कंपनियों में लोन डिफॉल्ट्स, रेटिंग डाउनग्रेड, गिरवी शेयरों की बिक्री, कर्ज का बोझ और कमजोर मुनाफा सबसे बड़ी दिक्कतें रहीं। यह दिक्कतें शुरू होने के बाद लगातार बढ़ती रहीं, जिससे निवेशकों को लगभग पूरा का पूरा पैसा ही डूब गया है।

News Reporter

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